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विद्यालय के संचालकों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नही हुई

सारंगपुर।(नवीन रूनवाल) केंद्र सरकार द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से पूरे भारत मे सेतु विद्यालय संचालित कराये जा रहें है।इसके लिये करोड़ो रूपये का बजट प्रावधान किया गया।ताकि स्कूल से बंचित भूमक्कड़ परिवार,होटलों पर काम करने वाले तथा मजदूर वर्ग के शोषित पीड़ित परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा तथा कपड़े एवं पोष्टिक भोजन दिया जा सकें।इसी योजना में राजगढ़ जिले में भी सेतू विद्यालय संचालित हो रहें है।अपवाद स्वरूप एक दो विद्यालय छोड़कर बाकी के विद्यालय कागजों में ही संचालित हो रहें है।और इन विद्यालयों के नाम पर शासकीय राशन सहित धनराशि एनजीओ एवं दलालों की जेब मे पहुच रही है।धरातल पर सेतु विद्यालय के बोर्ड के अलावा कुछ भी नही मिलता जबकि इन विद्यालयों में 4 से 5 स्टाप होना आवश्यक है।तथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर विद्यालय खुल्ला रहना व समय समय पर विद्यालय में दर्ज छात्र छात्राओं को नैतिक शिक्षा तथा सामान्य ज्ञान एवं विभिन्न प्रतियोगिता कराना आवश्यक है।लेकिन राजगढ़ जिले में यह सब कागजी खेल चल रहा है।पूर्व में तातकलिंग कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को सेतू विद्यालय में चल रहे फर्जीवाड़े से समाचार पत्र के माध्यम से अवगत कराया था।उनके द्वारा जांच का भरोसा भी दिया गया था।लेकिन सरकार के साथ कलेक्टर भी बदल गये।लेकिन सेतु विद्यालय के संचालकों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नही हुई।और खुलकर फर्जीवाड़ा करने लगे।अब जिले में तेज तराहार्ट कलेक्टर सूश्री निधि निवेदिता पदस्थ है तथा सरकार भी कांग्रेस की है।अब देखना यह है कि।इन विद्यालय की तरफ ध्यान जाता है या नही।या युही कागजी खेल चलता रहेगा। करोड़ो के घोटाले का बेसे अभीतक कलेक्टर ने भ्रष्ठचार को लेकर सख्त कदम उठा रखें है।